“कृषि ऋण के बारे में नई सोच की जरुरत”

जयपुर। भारतीय स्टेट बैंक के अध्यक्ष रजनीश कुमार कृषि ऋण के बारे में नई सोच पैदा करने पर जोर देते हुए कहा कि ऋण माफी से किसानों का भला नहीं हो रहा है तथा उन्हें व्यापारिक गतिविधियों से जोड़ने की जरुरत है। श्री कुमार ने आज यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि किसानों को दी जा रही सुविधाओं से उनकी दशा में कोई बदलाव नहीं आ रहा है लिहाजा कृषि को लाभकारी बनाने के प्रयास किये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में काफी आबादी कृषि पर निर्भर है तथा उन्हें मदद की भी जरुरत है लेकिन पिछले काफी समय से जो नीतिया अपनाई जा रही है वे किसानों के लिए लाभकारी नहीं रही। उन्होंने लघु एवं मध्यम उद्योग के लिए योनो बिजनेस एप की चर्चा करते हुए कहा कि इस तकनीक से ऋण लेना आसान हो जायेगा। उन्होंने योनो मंडी एप , योनो कृषि गोल्ड एप आदि को आज की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इनके जरिए उपभोक्ता ऑनलाइन खरीददारी कर सकता है। एप के जरिए खरीददारी पर अतिरिक्त छूट भी उपलब्ध कराई गई है। एटीएम बंद करने की चर्चाओं पर विराम देते हुए उन्होंने कहा कि हम ज्यादा से ज्यादा उपभोक्ताओं को मोबाइल बैंकिंग की ओर आकर्षित कर रहे है। उन्होंने कहा कि कई उपभोक्ता डेबिट कार्ड इस्तेमाल करने से डरते है जिनके लिए विकल्प तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि निर्माण क्षेत्र में काफी मंदी का दौर है तथा चार लाख फ्लैट बिक नहीं पा रहे है लेकिन बैंक अच्छी परियोजनाओं को ऋण देने में कोताही नहीं बरत रही है। इसी तरह वाहन उद्योग में मंदी का दौर है जिसके पीछे के कारणों का अध्ययन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ग्राहक स्वयं वाहन नहीं खरीदने के बजाय ओला एवं उबर जैसी सेवाओं की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि 62 हजार करोड़ के ऋण में 3800 करोड़ की वसूली नहीं हो पाई है लेकिन इसके प्रयास चल रहे है।

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