किसान आन्दोलन पर देशद्रोह एवं अशांति के धब्बे?

-ललित गर्ग:- सर्वोच्च न्यायालय ने जन-प्रदर्शनों, आन्दोलनों, बन्द, रास्ता जाम, रेल रोकों जैसी स्थितियों के बारे में जो ताजा फैसला किया है, उस पर लोकतांत्रिक मूल्यों की दृष्टि से गंभीर चिन्तन होना चाहिए, नयी व्यवस्थाएं बननी चाहिए। भले ही…
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सिकुड़ती प्रकृति, वन्यजीव एवं पक्षियों की दुनिया

ललित गर्ग:- मनुष्य इस दुनिया का एक हिस्सा है या उसका स्वामी? वर्तमान परिप्रेक्ष्य में यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न बन गया है क्योंकि मनुष्य के कार्य-व्यवहार से ऐसा मालूम होने लगा है, जैसे इस धरती पर जितना अधिकार उसका है, उतना किसी और का…
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