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Life is enriched with ‘Thank you’ and ‘Gratitude’

‘शुक्रिया’ एवं ‘कृतज्ञता’ से संवरती है जिन्दगी

- ललित गर्ग - इंसानी जीवन का एक सत्य है कि आदमी दुख भोगना नहीं चाहता, किन्तु काम ऐसे करता है, जिससे दुख पैदा हो जाता है। यह आश्चर्य की ही बात है कि आदमी चाहता है सुख और इस प्रयत्न में निकाल लेता है दुख। यह बहुत विरोधाभासी बात है। लेकिन…
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